राह में साथ थे…..

राह में साथ थे तुम बहुत देर से,
इश्क़ मुझको हुआ पर बहुत देर से ।।

आ गया हूँ मैं अब दूर तुझसे बहुत,
तुमने आवाज़ दी पर बहुत देर से ।।

ज़िन्दगी से किया था सवाल एक मग़र,
उनका आया जवाब पर बहुत देर से ।।

ज़ुल्म मुझपे किये मेरी ही जान ने,
बात आई समझ पर बहुत देर से ।।

ज़िन्दगी भर बहुत बुत-परस्ती तो की,
दिल में जागा ख़ुदा पर बहुत देर से ।।

— अमिताभ आलेख

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 04/04/2016
    • आमिताभ 'आलेख' 04/04/2016
  2. Rinki Raut 05/04/2016
    • आमिताभ 'आलेख' 07/04/2016
  3. Shishir "Madhukar" 05/04/2016
    • आमिताभ 'आलेख' 07/04/2016

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