दिल को बहलाने – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दिल को बहलाने

दिल को बहलाने के लिए तुम आओ
ग़म को भी नजात मिल जायेगी
तेरी आँखों में देख कर मोहब्बत
ज़िन्दगी खुद-ब-खुद बहल जायेगी

शायर : सर्वजीत सिंह
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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 28/03/2016
    • sarvajit singh 28/03/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 28/03/2016
    • sarvajit singh 28/03/2016

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