तलाश – अरिता सर्वजीत

तलाश- अरिता सर्वजीत

हम उनका पता पूछते पूछते अपना पता ही भूल गए
अब दर-दर भटक रहे हैं मंज़िल की तलाश में
ना वो मिले ना मंज़िल मिली पर खुदा मिल गए राह में

जब खुदा से पूछा तो मायूस होकर बोला ……….
मैँ भी उसको ढूंढ रहा हूँ तेरी तड़प देख कर
पर एक सलाह देता हूँ …………….

उससे मिलने की तमन्ना मत रख
जिससे तेरी तलाश अधूरी रह जाए
तू उसका हाथ पकड़ जो है तेरी तलाश मैँ ………..

लेखिका : अरिता सर्वजीत
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5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 26/03/2016
    • sarvajit singh 27/03/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 26/03/2016
    • sarvajit singh 27/03/2016
  3. Er. Anuj Tiwari"Indwar" 27/03/2016

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