इन्तज़ार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

इन्तज़ार

कई बार खटखटाया है
दरवाज़ा उसके दिल का
पर हर बार अन्दर से आवाज़ आई
के इन्तज़ार ओर अभी, ओर अभी, ओर अभी

शायर : सर्वजीत सिंह
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4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 15/03/2016
    • sarvajit singh 15/03/2016
  2. Saviakna 18/03/2016
    • sarvajit singh 18/03/2016

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