काली घटा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

काली घटा

लाखों तूफ़ान उठे हैं इस दिल में
तुझे देखने के बाद …………..
ज़ुल्फ़ की काली घटा से ढक लो
ये चेहरा चाँद सा ……………..

शायर : सर्वजीत सिंह
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9 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 13/03/2016
    • sarvajit singh 13/03/2016
  2. Shishir "Madhukar" 13/03/2016
  3. Savita 14/03/2016
  4. anuj tiwari 14/03/2016
  5. anuj tiwari 14/03/2016

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