तसव्वुर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिये

तसव्वुर

तसव्वुर में हर पल बातें होती हैं उनसे
पर सामने आते हैं तो जुबां नहीं खुलती
उनके साथ रहके भी हम होते हैं तन्हा
पर अकेले में हमें कभी तन्हाई नहीं मिलती

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शायर: सर्वजीत सिंह

3 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 01/03/2016
  2. sarvajit singh 01/03/2016

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