भय से प्रेम नहीं होता – शिशिर “मधुकर”

भय से प्रीत हो सकती है लेकिन कोई प्रेम नहीं होता
बस आँखें बंद करने से इन्सा चैन की नींद नहीं सोता
केवल तन के रिश्ते से मन पर अधिकार नहीं मिलता
त्याग बिना और कष्ट बिना सच्चा प्यार नहीं मिलता
जिस प्यार में मीरा सी श्रद्धा और राधा सा स्नेह नहीं
ऐसे सांसारिक बंधन को ही अक्सर जीते है लोग यहीं.

शिशिर “मधुकर”

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 16/02/2016
  2. Shishir "Madhukar" 16/02/2016
  3. omendra.shukla 16/02/2016
  4. Shishir "Madhukar" 16/02/2016
  5. Meena bhardwaj 16/02/2016
    • Shishir "Madhukar" 16/02/2016

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