” घमंड “

जहाँ कभी बड़ी इमारतें थी….
आज वहां खंडर नजर आते है !!

जहाँ कभी गुलशन था लहराता हुआ……..
आज वहां वीराने नजर आते है !!

जिया करते थे कभी शान से जो…..
आज वो अमीर भिखारी नज़र आते है !!

जो कभी सीना तानकर चलते थे घमंड में दौलत के…
आज वो भी जमीं में मिले नज़र आते है !!

जो डूबे थे नशे में शोहरत के……….
आज वो भी सड़को पर नज़र आते है !!

जिन्हें घमंड था अपनी खूबसूरती का…..
आज वो भी बदसूरत नज़र आते है !!

धन , दौलत , यौवन , सब एक दिन छिन जायेगा….
इस दुनिया में सिर्फ कर्म ही काम आते है !!

खली हाथ आये सब लोग इस जहाँ में….
और देखो सब खाली हाथ ही जाते नज़र आते है !!

रचनाकार : निर्मला (नैना)

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 10/02/2016
    • Naina 11/02/2016
  2. लक्ष्मण सिंह 10/02/2016
    • Naina 11/02/2016
  3. Shishir "Madhukar" 10/02/2016
    • Naina 11/02/2016

Leave a Reply