क़त्आ ( मुक्तक ) 3 ख़ूबसूरत नज़ारा है आ जाइए * muktak , qataa – salimraza rewa

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ख़ूबसूरत नज़ारा है आ जाइए !!
मौसमों का इशारा है आ जाइए !!
ऐसा मौक़ा हसीं फिर मिले न मिले !!
धड़कनो ने पुकारा है आ जाइए !!
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koobsoorat nazara hai aa jaie !!
mausamon ka ishaara hai aa jaie !!
aisa mauqa hasin fir mile na mile !!
dhadkano ne pukara hai aa jaie !!
oo
सलीम रज़ा रीवा – 9981728122
muktak,qataa by salimraza rewa                  

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 15/01/2016
  2. salimraza 15/01/2016
  3. निवातियाँ डी. के. 15/01/2016
  4. salimraza 15/01/2016

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