वो कोन थी जो मुस्कुराई और चली गयी।

वो कौन थी जो मुस्कुराई और चली गयी

उसका पलकों को झुकाना।
बालो को अपने माथे से हटाना ।।
उसकी आँखों का गेहरा काजल ।
जैसे आसमान में घटा का बादल।।
कश्मीरी सेबों सी गालो की लाली।
प्यारी सी आँखें ,कोयले सी काली ।।
हवा सी बनके आई और मुझे बिना छुए मुडगयी।
जाने वो कौन थी जो मुस्कुराई और बस चली गयी।।

उसकी शेरनी सी चाल।
सुनहरे लंबे बाल।।
होठ जैसे सुराई।
त्वचा की नरमाई।।
दूद जैसा रंग।
अतभुत मनमोहक से अंग।।
लहराती हुई आई और बलखाती हुई उड़ गयी।
जाने वो कोन थी जो मुस्कुराई और बस चाली गयी।।

वो चली गई पर याद यहीं है।
उसके होने का एहसास यहीं है।।
उसका आना एक तूफान था।
और उसका जाना एक सूनापन।।
उसको होना एक ख़ुशी थी।
और उसको खोना एक खालीपन।।
मेरे दिमाग में अभी तक खटक रही है वो।
आँखों से सामने सूरत लेके भटक रही है वो।।
वो आई ,वो रुकी और एक दिल में बस गयी।
तस्वीर सी उसकी मन में रस गयी।।
एक कली सी प्यार की मेरे मान में खिल गयी।
जाने वो कोन थी जो मुस्कुराई और बस चली गयी।।

मोहित राजपाल

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 08/01/2016
    • Mohit rajpal 08/01/2016
  2. निवातियाँ डी. के. 08/01/2016
    • Mohit rajpal 08/01/2016
  3. bimladhillon 08/01/2016
    • Mohit rajpal 08/01/2016
  4. Sampa 08/01/2016
    • Mohit rajpal 08/01/2016
  5. Ashwani Mishra 09/01/2016
    • Mohit rajpal 09/01/2016

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