“मेरी क़लम भाग-9″डॉ. मोबीन ख़ान

कुछ लोग ख़ुद को ग़ालिब समझते हैं।
बिन वज़ह ही अपने आप को मुक़म्मल समझते हैं।।

किसी को अच्छा नहीं कह सकते, तो बुरा ना कहो।
दिल में नफ़रत पर ख़ुद को मोहब्बत का सौदागर समझते हैं

6 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 05/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan 05/01/2016
  2. Er. Anuj Tiwari"Indwar" 06/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan 06/01/2016
  3. asma khan 06/01/2016
    • Dr. Mobeen Khan 06/01/2016

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