परिणय बंधन [[ हाइकू ]]

मन चंचल
बहकते कदम
बावरे नैन !!

मिला संजोग
कुंडली भी मिलाई
रची सगाई !!

शुभ मुहर्त
परिणय बंधन
डोली सजाये !!

बेला महका
सुगंध बिखराई
गौरी शर्मायी !!

दिल बैचैन
नासमझ प्रीतम
आये न चैन

गोरी तड़पे
पिया को समझायें
प्यास बुझाये !!

गोरी शर्माये
ननंदिया भी छेड़े
लाज जो आये !!

पिया बुलाये
सुहागो वाली रात
बीत न जाये !!

2 Comments

  1. Shishir 18/12/2015
    • निवातियाँ डी. के. 22/12/2015

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