परिवर्तन न कोई आएगा- शिशिर “मधुकर”

१५ अगस्त १९४७ से मेरा भारत स्वतंत्र है
२६ जनवरी १९५० से यहाँ पूर्ण प्रजातंत्र है
प्रजा ही यहाँ बार बार अपना शासक चुनती है
और एक शांत विकसित देश का सपना सदा बुनती है
देश में चारो तरफ मगर जो आज हाहाकार है
दोष औरों का नहीं ये प्रजा इसकी जिम्मेदार है
जाति, धर्म और क्षेत्र से आगे ना ये बढ़ पाई है
हिन्दू, मुस्लिम,सिख,ईसाई बस नारों में भाई भाई हैं
आपसी विमर्श में सदा बेतुकी बात ये करती है
कोई सही बात इसके भेजे में ना भरती है
सबको मुफ्त शिक्षा की ये कभी बात ना करती है
बिन दवाई और अस्पतालों के कष्टों में ये मरती है
कितना भी इसे समझाओ जनसंख्या मत बढाइये
हर हाल में इसे तो बस सस्ती सब्जी, दाल चाहिए
राजतंत्र में जैसा राजा वैसी ही प्रजा भी होती है
प्रजातंत्र में सत्ता मगर इसके चरित्र का आईना होती है
जब तलक जहालत से ये देश पीछा ना छुड़ाएगा
कितनी भी कोशिश कर लो तुम परिवर्तन न कोई आएगा.

शिशिर “मधुकर”

15 Comments

  1. asma khan 30/11/2015
    • Shishir "Madhukar" 30/11/2015
  2. sushil 30/11/2015
  3. Shishir "Madhukar" 30/11/2015
  4. Girija 30/11/2015
    • Shishir 30/11/2015
  5. निवातियाँ डी. के. 30/11/2015
    • Shishir 30/11/2015
  6. Bimla Dhillon 01/12/2015
  7. Shishir "Madhukar" 01/12/2015
  8. omendra.shukla 01/12/2015
  9. Shishir "Madhukar" 01/12/2015
  10. Shishir 03/12/2015
  11. Onika Setia 01/04/2016

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