अब,रचना डॉ उमेश चमोला

दुनियां में चैन अमन नहीं है अब,
तरसती लाश के लिए कफन
नहीं है अब,
खुदा जाने क्या होगा अब?
शैतान के पाश में
बांध चुके हैं सब.
—–डॉ उमेश चमोला

2 Comments

  1. asma khan 29/11/2015
    • Umesh Chamola 01/12/2015

Leave a Reply