“नींद” डॉ. मोबीन ख़ान

अब इन आँखों में नींद कहाँ।
सिर्फ कल के ख्वाबों की हक़ीक़त चाहता हूँ।।

कल तक था हमारा मुल्क सोने की चिड़िया।
बीते हुए उस कल को वापस चाहता हूँ।।

2 Comments

  1. Shishir "Madhukar" 02/11/2015
    • Dr. Mobeen Khan 19/11/2015

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