शर्मिन्दा जिनकि खुश्बू से बू-ए गुलाब है SALIM RAZA REWA

चंद क़तात
००
शर्मिन्दा जिनकि खुश्बू से बू-ए गुलाब है
रौशन चमक से जिनकि हुआ आफताब है
सूरत पे जिनके नाज है परवरदिगार को
वो सूरते रसूल खुदा कि किताब है
००
इब्त्दा तुझी से है इन्तहा तुझी से है ,
ये निजाम दुनिया का ऐ खुदा तुझी से है !
जिन्नों इन्शां बह्रो-बर सब तेरे करिश्में हैं,
इस जहान फानी में जो बाना तुझी से है !
००
जमीं फलक में सितारों में उनका चर्चा है
चमन में फूल बहारों मेम उनका चर्चा है
नबी के शान व अजमत का जिक्र मत पूंछो
कलामें पाक के पारों में उनका चर्चा है !!
००
जो उसकी याद में दिल बेकरार करता है,
खुलूसो प्यार से सजदे निसार करता है !
उसे ही खुल्द की नेमत नसीब होगी “रजा”
खुदा का जिक्र जो लेलो नहार करता है !

०० सलीम “रजा” 9424336644 ००
SALIM RAZA REWA 9981728122

2 Comments

  1. Er. Anuj Tiwari"Indwar" Er. Anuj Tiwari"Indwar" 10/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/10/2015

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