दोस्ती-दुश्मनी – शिशिर “मधुकर”

दोस्ती के लिए दुश्मनी भी जरूरी है
अंधेरो के बिना ये रोशनी भी अधूरी है
हर कोई इस जहाँ में जीने को मचलता है
इसके लिए किसी का मरना भी जरूरी है
अगर हम आज ऊपर है तो ये ना कभी भूलें
चढ़ने उतरने की सदा बराबर ही दूरी है
क्या मेरा है यहाँ और क्या तेरा है यहाँ
ये सारे प्रश्न हैं बेमानी
हम सब उसी के हैं जिसकी
ये कायनात पूरी है.

शिशिर “मधुकर”

2 Comments

  1. sushil 07/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" 07/10/2015

Leave a Reply