पत्नी का जन्मदिन – शिशिर “मधुकर”

मेरे जीवन का साथी इस दिन इस दुनिया में आया
गूँज उठी ये दसों दिशाए और रंग फ़िज़ाओं में छाया
सोच रहा हूँ इस अवसर पर मैं उसको क्या दूँ उपहार
ऐसी तो कोई चीज़ नहीं जो उतार सके उसके उपकार
जीवन के हर पथ पर उसने हरदम मेरा साथ दिया है
जब भी लगी है कोई ठोकर हाथों में मेरा हाथ लिया है
मैं भी उससे करता हूँ वादा ना उसका साथ कभी छोड़ूंगा
जब तक साँस है मेरे इस तन में उसके सपनों को जोडूंगा.

शिशिर “मधुकर”

4 Comments

  1. निवातियाँ डी. के. 09/10/2015
  2. Shishir "Madhukar" 09/10/2015
  3. sushil 09/10/2015
    • Shishir "Madhukar" 09/10/2015

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