“क्रिकेट” डॉ. मोबीन ख़ान

आज एक अज़ीब सा खेल हुआ क्रिकेट का।।

हम हारे पर सर्मशार हुआ खेल क्रिकेट का।।

इतना भी क्या जोश कि खुद पर काबू ना रहा लोगों का।।

गलती उनकी पर शर्म से सिर झुक गया देश का।।

आज एक अज़ीब सा खेल हुआ क्रिकेट का।।

4 Comments

  1. राकेश जयहिन्द 06/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan 06/10/2015
  2. निवातियाँ डी. के. 06/10/2015
    • Dr. Mobeen Khan 06/10/2015

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