असली हक़ीक़त

अजीब तो तब लगता है
जब ज़िन्दगी की असली हक़ीक़त को ये ज़माना
बुरा ख्वाब कहकर भूल जाने को कहता है,
बड़ी मुश्किल से इकट्ठा की हुई उस हक़ीक़त को
राख की तरह पानी में बहाने को कहता है |
और झूठ भरे पलों के कारवां के साथ
पूरी ज़िंदगी बिताने को कहता है |

4 Comments

  1. sukhmangal singh 24/08/2015
  2. Anuj Tiwari"Indwar" 25/08/2015
  3. Anuj Tiwari"Indwar" 25/08/2015
    • Ankita Anshu 26/08/2015

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