एक दिन यूँ ही सैर पे निकले थे हम

”एक दिन यूँ ही सैर पे निकले थे हम
दिल में कुछ अरमान थे
एक तरफ थी झोपड़िया
तो एक तरफ श्मसान थे
अचानक पैरो तले एक हड्डी आयी
जिसके यही बयां थे
की चलने वाले जरा संभलकर चल
हम भी कभी इंसान थे .”

2 Comments

  1. Ankita Anshu 12/08/2015
    • omendra.shukla 13/08/2015

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