एक दिन…. (ग़ज़ल)

    1. बड़ी हसरत इस दिल की बरसो पुरानी है !
      मेरे संग बारिश में भीग जाओ एक दिन !!

      गिरता हो कतरा जब किसी बूँद का तुम पर !
      मेरे संग उस कतरे में समा जाओ एक दिन !!

      तुम्हे पसंद हो न हो ये बारिश का पानी !
      बस मेरे लिए खुद बरस जाओ एक दिन !!

      रहते हो बड़े खफा खफा अपने आप में तुम
      समझेंगे वफ़ा जो मुस्कुरा जाओ एक दिन !!

      हो जाए दिल की हर मुराद पूरी अपनी !
      अगर तुम मुझ में समा जाओ एक दिन !!

      निवातियाँ डी. के[email protected]@@

2 Comments

  1. Anuj Tiwari"Indwar" 25/07/2015
    • निवातियाँ डी. के. 29/07/2015

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