प्यार कितना है तुमसे……

प्यार कितना है तुमसे………………

प्यार कितना है तुमसे न पूछा करो ,
इसका उत्तर कभी भी न दे पाउँगा …

तुम पंखुड़ी हो कली की तो डाली हूँ मै,
हो अगर बाग़ तुम तो माली हूँ मै,
किसी की भी नजर उठ जाये तुमपर
बनके कांटा मै आँखों में चुभ जाऊंगा |

प्यार कितना है तुमसे न पूछा करो ,
इसका उत्तर कभी भी न दे पाउँगा …

चलती हो तुम कही किसी रास्ते पे कभी
धुप हो तेज और कोई साधन नहीं
चलना भी हो कठिन रास्ता हो जटिल
हाथ दिल पे रखके आवाज देना मुझे
बनके बादल धरा पे बरस जाऊंगा |

प्यार कितना है तुमसे न पूछा करो ,
इसका उत्तर कभी भी न दे पाउँगा …

तू कही भी मुझे ढूंढे कभी
न दोस्त हो , ना यार , ना अपना कोई,
फस्ती कश्ती दिखे तेरी मझधार में
होना तुम ना उदास मै रहूंगा वही
बनके पतवार मै पार ले जाऊंगा

प्यार कितना है तुमसे न पूछा करो ,
इसका उत्तर कभी भी न दे पाउँगा …

तुम तो कहती हो क़ि तुम मिलते ना कभी
प्यार करते भी हो क़ि वो भी नहीं
क्या कहूँ मै तुम्हे , कहता हूँ यही
बस एकबार तुम मुस्कुरा दो अभी
बनके गड्ढा तेरी गालो पे आ जाऊंगा |

प्यार कितना है तुमसे न पूछा करो ,
इसका उत्तर कभी भी न दे पाउँगा …

5 Comments

  1. Kedar Singh Deshmukh 08/05/2016
  2. Sarika Singh 10/05/2016
    • devil 10/05/2016
      • sarvesh 11/05/2016
    • sarvesh 11/05/2016

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