मुझे आजादी चाहिए…

जिंदगी जी नहीं है मैंने अभी सारी
लेकिन मुझे आजादी चाहिए
उम्र पड़ी है अभी मेरी सारी
लेकिन मुझे आजादी चाहिए
दर्द अभी सारे मैंने जिए नहीं
लेकिन मुझे आजादी चाहिए
रस्ते की कठिनाइयां मैंने अभी दूर नहीं की
लेकिन मुझे आजादी चाहिए
पर्वतों से जो रोड़ा आया उसने झेलीं सभी कठिनाईयाँ
मैं तो उस रोड़े के समान भी नहीं
क्योंकि मुझे आजादी चाहिए
लगता है जिंदगी बहुत बड़ी है
कठिनाइयां ख़त्म ही नहीं हो रहीं हैं
बस अब बहुत हुआ मुझे आजादी चाहिए
बस अब बहुत हुआ मुझे आजादी चाहिए

“शरद भारद्वाज”

One Response

  1. Sharad Bhardwaj 14/04/2015

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