मायाजाल

चिपक गया है आजकल
इंटरनेट से इंसान देखो
कैसे कैसे रूप दिखाता
बदल रहा पहचान देखो

सुन्दर चेहरा देखने को
हाथ सभी आजमाते है
मेरी भी हो दोस्त रसीली
माऊस खूब घुमाते हैं

एक हैलो के बदले
हज़ार लाइक मिलती है
सिर्फ काली आँखों में
अपनी लाइफ दिखती है

बेहया कुछ तो ये
नुस्खा भी आज़माते है
अपना हुनर दिखाने को
कपडे उतार बगाते हैं

धोखा है या सच है
कुछ समझ आता नहीं
दुल्हन ऐसी मिलती है
दूल्हा जिसे भाता नहीं

कौन किसका दोस्त है
बन गया मकड़जाल यहाँ
लड़कियां बनी है स्वीटी
और लड़के गुरुघंटाल यहाँ

हे भगवान बचा ले मुझे
इस मायाजाल से
एक सच्चा दोस्त मिला दे
हो सच्चा जो ख्याल से

2 Comments

  1. dknivatiya 07/04/2015
  2. Rakesh Kumar 31/12/2019

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