“मेरा जन्मदिन है”

मेरा जन्मदिन है, मगर तुम नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

वही सूर्य है, वही चन्द्रमा है
वही है ज़मी, वही आसमां है
सब कुछ वही है, मगर तुम नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

बातें किये जा रहे जितना हम
आँखें हुई जा रही उतनी नम
तुम्हारी है यादें, मगर तुम नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

काटकर केक किसको खिलाएंगे हम
सिर्फ रो रो के ये गीत गाएंगे हम
किससे रूठें भी हम जब तुम ही नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

चेहरे पे मुस्कान, दिल में उदासी
सुनाने को अब कुछ रहा ही ना बाकी
हर कोई तो यहाँ है, मगर तुम नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

मेरा जन्मदिन है, मगर तुम नहीं हो I
ख़ुशी का शमा है, मगर तुम नहीं हो II

(राहुल सिंह)

2 Comments

  1. BHASKAR ANAND 05/04/2015
    • Rahul Singh 05/04/2015

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