चेहरे से नकाब तो हटाया करेन्गे…

लोग तो जीते जी मर जाया करते है

हम तो मर कर भी उसे याद आया करेन्गे
उसके आन्सुओ मे हम तो मुस्कुराया करेन्गे
वक्त तो पानी कि तरह बहता जायेगा
और हम उसके यादो मे जीते जाया करेन्गे

हमे देख कर वो मुकर जाया करते थे

अब वो छुपकर अकेले मे आन्सु बहाया तो करेन्गे
मुस्कुरा कर लोगो से नजरे भी तो चुराया करेन्गे
जब इन्तहा हो जायेगी उनके दर्द की तो फिर
तन्हाइ मे हम रुह बन कर मिलने आया करेन्गे

मर कर दो गज जमीन मे हम दफन हो गये थे

चल कर तो वो अब मेरी कब्र पर तो आया करेन्गे
आन्सु दो बुन्द उस पर प्यार के तो बहाया करेन्गे
आखिरी वक्त मे तडपे हम भी थे उनके दिदार को
अब रोज यहा आ कर वो चेहरे से नकाब तो हटाया करेन्गे

कम से कम हम उन्हे अब याद तो आया करेन्गे …याद तो आया करेन्गे….

2 Comments

  1. khusi 07/01/2015
  2. Ajay Kumar 12/01/2015

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