इतनी कडवी है-गजल-शिवचरण दास

इतनी कडवी है हकीकत पी नहीं हम पायेगें
पी लिया जो घूंट भी तो जी नहीं हम पायेगें.

वहशियों की गोलियां जख्मी सीना कर गईं
जख्म इतने हो गयें अब सीं नहीं हम पायेगें.

मन्दिरों में मस्जिदों में चर्च में गुरद्वारे में
जुर्म की करके मज्जमत आरती कब गायेगें.

मौत के जबडों में फसंती जिन्दगी जिनकी सदा
बच गये इस पार तो उस पार ना बच पायेंगें.

आपकी गद्दी मुबारक बज रही शह्नाईयां
गोलियां और गालियां तो भूखे नगें खायेगें.

शिवचरण दास

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  1. sukhmangal 03/01/2015

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