बलात्कार मिटाओ,मीडिया बचाओ विश्व का हो-आह्वान!

कदम बढ़े बढ़ें सदल मचल मचल सीना तानो तानो संभल सम्हल। शीष को कटने बटने ना देना मीडिया कर्मी का विगुल मृदुल॥ ‘मंगल’मन मानो नत मानो ब्यभिचार बलात्कार मिटा देना। हम सुस्थित और प्रतिष्ठा जानो मित्र-मित्र की बात पहिचानो॥ ક્ષેत्र का स्वामी हैं शंभु हमारे प्रति पल ‘राम’ विश्व के रखवाले। हे! मानव मानव कर्मधर्म को जानो पवित्रात्माओं सत्कर्म बखानों॥ राष्ट्रीय संकट समाप्त हो जिससे इस पृथ्वी पर यशस्वी हों मानो। इ! शक्तिशाली उर्ज्वस्वी पृथ्वी माँ तू कन्या सा तेज हमे दो॥ आओ मिल-जुल विश्व को अपने,अपने गौरव से वह मान दिला दें। इससे मातृ भूमि पर मानव विश्वबन्धुत्व प्रेम और सद्भाव जगा दे॥ हे! सुहृद सुन्दर धरणी- धरती के प्राणी आह्वान है विश्व पटल पर। आओ-जाओ-गाओ–सुनाओ गीत अमिटे हो’मंगल’का संदेश सुना दो॥आह्वान!-यह रचना अथर्ववेद मंत्र का पद्यानुवाद किया गया, 

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  1. sukhmangal singh 19/10/2016
  2. sukhmangal singh 19/10/2016

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