आदमी v/s कुत्ता

आदमी कुत्ता

आसपास के माहोल को देख बीवी को शोक चर्राया
जोर देकर घर में एक अलिशेशन कुत्ता मंगवाया

आदेश श्रीमति जी का कैसे टाला जा सकता था
इच्छा पूरी करके ही उनको मनाया जा सकता था

अब तो हर रोज़ हम से पहले उस से गुड मॉर्निंग होती
रोज भो-भो से अपनी सुबह की मीठी निंद्रा खराब होती

श्रीमती जी अपने साथ उसको लेकर चिल्ला के कहती
अभी तक नही उठे जी मै कब से प्यार से तुम्हे जगाती

देखो तिवारी जी तो अपने राजा को सैर करा लाये
एक आप है अभी तक बिस्तर पर ही पड़े अलसाये

जाओ तुम भी जल्दी से कुंवर को सैर को ले जाओ
हमारे पास भी “अलिसेसन” है उनको ये दिखलाओ

आँखे मलते हुए,लम्बी उबसाई लेते बिस्तर छोड़ना पड़ा
हाफ पेंट और टी-शर्ट पहने लेकर हाथ में बेंत चलना पड़ा

हाथ में थामे उसकी डोर मन ही मन दोनों को कोसता
बिन होठ हिलाये सैर सपाटे को निकला मन मसोसता

मै घर से निकला बीवी ने बालकानी से मुस्करा के देखा
फ्लाइंग किस दी हाथ हिलाकर बाय भी उस ही को बोला

नुक्कड़ पे अभी पहुंचा था की मेजर साब मिल गए
मूछें एठते हुए बोले क्या आप भी कुत्तो से हिल गए

मन में गुस्से की ज्वाला को दबाते हुए मैंने मुह खोला
चेहरे पे बनावटी हसी दिखाते हुए बेख़ौफ़ रुआब से बोला

मेजर साब क्यों सुबह सुबह हसी ठिठोली करते हो
घर में तो कोई सुनता नही हम पे फबते कस्ते हो

सहसा सैर पर घुमते मुझसे कुंवर जी का पट्टा छूट गया
वो झट से आजाद होकर, काली साडी वाली पे टूट पड़ा

जब तक मैं उसको किसी तरह से संभाल पाता
पूरी हालत वो उन देवी जी की बिगाड़ चुका था

मैंने उनको आराम से सँभालते हुए नम्रता से पूछा
माफ़ करना मैडम जी आपको ज्यादा तो नही काटा

हाहाकार करती जब उसको देखा मुँह गुस्से से लाल था
तब तक प्रतिशोध मैं जोर का तमाचा पड़ा मेरे गाल था

जैसे तैसे कुंवर जी को लेकर मैं घर पहुंचा
जाते ही श्रीमती जी द्वारा उसका सत्कार हुआ

उसको सुबह के नाश्ते में दूध पिलाया गया
मेरे गाल पर पड़े उस तमाचे को नकारा गया

मैं तब से लेकर आजतक मैं ये रीत निभा रहा हु
पहला काम कुंवर जी को हर रोज सैर करा रहा हु

श्रीमती जी की नजर में उसका स्थान मुझ से ऊंचा है
किस कदर आज इंसान कुत्ते की हालत पर पंहुचा है

अब तो बस उलझन में समय बीतता है
कुत्ता आदमी है या फिर आदमी कुत्ता है —2

—–>>> निवतिया डी. के. <-------

6 Comments

  1. sarvajit singh 25/02/2016
    • निवातियाँ डी. के. 26/02/2016
  2. babucm 22/06/2016
  3. babucm 22/06/2016
    • निवातियाँ डी. के. 22/06/2016
  4. निवातियाँ डी. के. 22/06/2016

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