होली

चल होली खेलें यार
चल ख्वाब रंगे इस बार
हो फाग की मस्ती
जिसमे झूमे सारी बस्ती
रहे न कोई तन्हा
चाहे हो बूढा या नन्हा मुन्हा
जल से धुल जाये मन का अभिमान
रंग रूप , जाति क्षेत्र को भुलाकर हम
होली के रंग में झूमें हम
दिल से होली खेलें हम
ख्वाबों को जीना सीखें हम
हर पल खुश रहना सीखें हम
सबके जीवन में आए बहार
सुख समृद्धि आनंद और प्यार
अपनों में ना हो तकरार
हर तरफ बरसे रंगो का प्यार
खुशियों में घुल जाने का
सन्देश देता यह त्यौहार
चल होली खेलें यार
चल ख्वाब रंगे इस बार

One Response

  1. राकेश कुमार 14/05/2014

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