अनकही बातें

अनकही बातें

ये उलझी हुई तस्वीर है, सुलझाई ना जा सकेगी अब,
ये बिगड़ी हुई तकदीर है, बनाई ना जा सकेगी अब।
ये किसी की मर्म वेदना है, खुशी खोने का राज है,
ये करूणामयी कहानी है, बताई ना जा सकेगी अब।।

ये बिगड़ी हुई तकदीर है, बनाई ना जा सकेगी अब।
ये मेरे प्यार की दास्तां है, सुनाई ना सकेगी अब।।

खोया ही है सब कुछ हमने, पाना किस्मत में न था,
ख्वाबों में तो वो मेरा था, न था तो हकिकत में न था।
गमों से ही होता रहा सामना, हंसना तकदीर में न था,
टूट गया वो बन्धन, दम रिश्तों की जंजीर में न था।।

नयन बरसने लगे हैं, हंसी चेहरे पे ना आ सकेगी अब।
ये मेरे प्यार की दास्तां है, सुनाई ना सकेगी अब।।

उजाला कहीं दूर कैद है, उसे आजाद कैसे कर दूं?
उससे मुहोब्बत आज भी है, उसे बर्बाद कैसे कर दूं?
सिर्फ ख्यालों में नहीं है, मेरे हर ख्याल में वो है,
भूलाई नहीं जाती वो, उसे ख्यालों से जुदा कैसे कर दूं?

उसकी याद दिल में है, मिटाई ना जा सकेगी अब।
ये मेरे प्यार की दास्तां है, सुनाई ना सकेगी अब।।

ये किसी की मर्म वेदना है, खुशी को खोने का राज है,
ये करूणामयी कहानी है, बताई ना जा सकेगी अब।
ये बिगड़ी हुई तकदीर है, बनाई ना जा सकेगी अब,
ये मेरे प्यार की दास्तां है, सुनाई ना सकेगी अब।।
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सुनील कुमार लोहमरोड़

6 Comments

  1. Gurcharan Mehta 30/01/2014
  2. Sunil Kumar 30/01/2014
  3. दीक्षित 02/02/2014
    • सुनील लोहमरोड़ 03/02/2014
  4. Rinki Raut 03/02/2014
    • सुनील लोहमरोड़ 03/02/2014

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