तुझे देखने के बाद

चाँद में भी नुक्स निकल आया है
फूल भी खुद मे शरमाया है
तड़पने लगा देखो शैयाद
तुझे देखने के बाद
आइना भी तरसती दीदार के लिए
मरते कितने मजनू तेरे प्यार के लिए
जिंदगी में अब है न कोई स्वाद
तुझे देखने के बाद
तेरे दिये मे लिपटे है परवाने सभी
होस खोए बैठे है दीवाने सभी
जाएँ किधर होता है किसको याद
तुझे देखने के बाद
कैद हुवे खयालो मे तेरे
बंधा हुवा हूँ सपनो मे घिरे
होना नही हमें कभी आजाद
तुझे देखने के बाद
न नीद हमें है न भूख यहाँ
होस नही अब हम हैं कहाँ
करना नही कोई फरियाद
तुझे देखने के बाद
खुश्बु से तेरी मदहोस जहाँ
मिजाज हुई रंगीन यहाँ
मन हुई न कभी उदाश
तुझे देखने के बाद
हरि पौडेल
नेदरल्याण्ड

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  1. Sunil 27/01/2014

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