नूर

नूर

ढूंढ़ता हूँ तेरे नक्श तेरे जाने के बाद
पता है हमे तू बेवफ़ा है फिर भी सोचता हूँ तुम्हे
भूल जाने के बाद ..

सोचा था तू होगा वो जिस के नूर से जंहा है रोशन
पर जिश्म छूते ही नज़र आया ..
सोचा था जिस को नूर -ए- जंहाँ
वो एक घर भी रोशन न कर पाया

बंजारा

2 Comments

  1. Rinki Raut 10/11/2013
  2. silu 19/11/2013

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