हर रंग में हमेशा एक रंग तुम्हारा होगा

अन्जानी राहों में अन्जाने गम हैं,
सबके होते हुए भी तनहा हम हैं,
तुम नहीं तो आज हर ख़ुशी भी अधूरी है,
क्योंकि आज मेरी ज़िन्दगी में एक शख्स कम है।।

आज फिर से वही मौसम लौट के आया है,
भूल चुके थे जिसको ,आज लगा उसी का साया है,
आज भी याद है मुघे वो होली के पहले वाला दिन,
जब तुमने कहा की उठ जा ,अब जाने का समय आया है।।

एक झटके में हम सबसे तुम इतनी दूर हो गए,
ऐसा भी क्या हुआ की जाने को मजबूर हो गये,
इस रंगीन दुनिया से तुमने खुद नाता तोड़ लिया,
और यहाँ हर रंग खुद हमारी ज़िन्दगी से दूर हो गए।।

सबके घरों में रंग थे,वहीँ हम बेरंग थे,
हर तरफ खुशियाँ थीं और ग़मों में डूबे हम थे,
ज़िन्दगी तो आगे बढती रहेगी पर वो बात कहाँ,
इसकी तो रौनक ही अलग थी जब हम संग थे।।

रंगों का मौसम है और तुम्हारी याद है,
तुम खुश रहो बस यही फ़रियाद है,
ज़िन्दगी में तो अब कोई रंग ही नहीं रहे,
पर फिर भी तुम्हारी यादों से ये आबाद है।।

हर रंग में हमेशा एक रंग तुम्हारा होगा,
ये गम भी मिट जायेंगे अगर तुम्हारा सहारा होगा,
हक़ीकत तो अब नहीं पर यादों में जरुर रहना,
और महफिल जम जाएगी जब साथ हमारा-तुम्हारा होगा।।

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  1. SUHANATA SHIKAN 11/04/2013

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