ये आँखें जल्दी बंद हो जाती हैं

आसमां को छुने की सबकी तकदीर नहीं होती,
हर हसीन चेहरे की तस्वीर नहीं होती,
साथ देने के लिए सब कहते हैं पर ,
मुश्किल पड़े तो ये ज़मीर भी नहीं होती।।

ज़िन्दगी के दो राहे पे एक उल्घन आन पड़ी है,
एक तरफ ज़िन्दगी तो एक तरफ मौत खड़ी है,
मौत का मुघे डर नहीं ज़िन्दगी की कदर नहीं,
ऐसी बातें मैंने बस किताबों में पढ़ीं हैं।।

हर वो रास्ता जो तुम तक जाता हो,
कैसे भी करके बस तुमसे मिलाता हो,
या मिल जाए मुघे कोई ऐसा फ़रिश्ता,
जो तुम्हारी सारी बातें बताता हो।।

कल तुम्हें गए हुए एक अरसा हो जायेगा,
हर वो लम्हा और पल फ़िर से याद आएगा,
किस तरह तुम हमसे दूर चले गए,
वो दिन दिल कभी भूल नहीं पायेगा।।

ज़िन्दगी में आज सब है बस तुम खो गए,
यूँ सबसे अलग होके हमेशा के लिए सो गए,
इतनी क्या मुश्किलें थीं तुम्हें यहाँ की,
हमसे रिश्ता तोड़ तुम खुदा के हो गये।।

धरती से मिलने तो ये कायनात भी आ जाती है,
हर सुबह के बाद तो रात भी आ जाती है,
उस दिन जाने के बाद तुम कभी सपने में भी नहीं आये,
फिर भी ये आँखें सपने में तुम्हें देखने के लिए जल्दी बंद हो जाती हैं।।

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  1. अभिराज 07/03/2013

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