कल वो दौर भी आएगा…

कुछ गम जो लगते गहरे हैं,

उनसे हो गए रिश्ते सुनहरे हैं !

जो जख्म कभी, जख्म से लगे ही नहीं,

वो ही दर्द के एक मात्र कारण बन गए हैं !!

 

तन्हाई अब यार लगती है,

महफ़िल से खौफ खाने लगे,

आसूं की एक बूंद भी न बची तो,

मुस्कुरा कर गम छुपाने लगे!!

 

आज तुम्हारी याद बेहिसाब सताती है,

सूजी आँखों को अक्सर नम कर जाती है,

हम तो फक्त अपनी बेबसी पे रोते हैं,

और बेबसी हम पर हँसती रह जाती है !!

 

कल वो दौर भी आएगा,

जब तुम्हारी आँखों में भी, यही दर्द होगा,

तब तुम्हे शायद, अपनी बेदर्दी का एहसास होगा,

गर तब तलक बहुत देर हो चुकी होगी,

दिल में तो तुम जरुर होगे,

पर धडकनों को कुछ याद न होगा !!

 

-श्रेया आनंद

(31st Dec 2012)

14 Comments

  1. यशोदा दिग्विजय अग्रवाल 05/01/2013
    • Shreya Anand 09/01/2013
    • Shreya Anand 15/04/2013
  2. Yashwant Mathur 09/01/2013
    • Shreya Anand 09/01/2013
    • Shreya Anand 15/04/2013
  3. reena maurya 09/01/2013
    • Shreya Anand 09/01/2013
    • Shreya Anand 15/04/2013
  4. babasaheb landge "sarthi" 25/03/2013
    • shreya 31/03/2013
    • Shreya Anand 31/12/2014
  5. Rinki Raut 01/01/2015
    • Shreya Anand 13/01/2015

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