शाम आना है सुब्ह जाना है – GAZAL SALIM RAZA REWA

शाम आना है सुब्ह जाना हैदिल सितारों से क्या लगाना हैooदिल ये कहता है तुम चले आओआज मौसम बड़ा सुहाना हैooप्यार उल्फत वफ़ा मुहब्बत सबये तो जीने का इक बहाना हैooसच कहाँ होती ख़्वाब की बातेंख़्वाब होता मगर सुहाना हैooग़म फ़क़त है नहीं मेरे संग मेंचंद खुशिओं का भी खज़ाना हैooऐ रज़ा हौसला रहे कायमचोट खाकर भी मुस्कुराना है __________________________ 9424336644 सलीम रज़ा रीवा 03.12.12

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  1. C.M. Sharma C.M. Sharma 05/02/2019

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