कुछ और शायरी – अरूण कुमार झा बिट्टू

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तेरी याद इस दिल को आती क्यों हैं
रतो को अब भी जगाती क्यों हैं।
हो तो गई किसी और की अब रहने भी दे ना
कम्बक्त इतना सताती क्यों हैं।

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इश्क चीज हैं ऐसी की चमक ही जाति हैं।
किसी दिल में खिली हो तो महक हो जाती हैं।

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ये जिंदगी हैं चलना ही होगा
दरिया हैं कोई पर बढ़ना ही होगा
मारते रहो हाथ पैर तभी उबर पाओगे
नही तो तै हैं डूबना ही होगा ।

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जिंदगी हैं यार तो गम भी होगा
कभी लबों पे हसीं कभी पलके नम भी होगा
करते रहो कोशिश चलते रहो लगातार
बस ऐसे ही जिंदगी ये अहम भी होगा

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सारे गिले शिकवे छोर के आता
जमाने से रंजिसे मोल के आता
करते हो प्यार मुझसे एक बार बताया तो होता
मैं तो तेरे सिर्फ एक बोल पे आता ।

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जब से तेरे नाम की घुट्टी पीने लगा हूं
कम में भी मदमस्त जीने लगा हु।
हर हर महादेव जय शिव शम्भू

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मुस्कुराया करो जिंदगी मुस्कुराने के लिए है
आए गम आने दो ये भी कुछ सीखने के लिए हैं

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तेरी गलियों से निकलता नही हु
सोचता हु दूर जाऊंगा तुझसे
पर ये मेरी भूल है तू तो मेरी रूह हैं
हाय हाय कैसे भूल पाऊंगा तुझे

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जिंदगी की कसमकस में
सब कुछ भूल गए हम
की पता ही नही चला
कब जवानी आई और कब बूढ़ हुए हम

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ला जरा दे दे साकी थोड़ा मैं भी पी लू
सुना हैं ये हर मर्ज की दावा हैं
आज उसका दर्द सी लू

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तुमने तो कह दिया भूल जाओ मुझे
जैसे फरमान पढ़ा
अरे तुम दिल में हो ,धड़कन में हो रूह में हो
ये इतना आसान हैं क्या

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अरे मुझ से कितनी नफरत हैं
सब पहचान लिया मैने
कितना टूट कर बोली हो
और कितना फूट कर रोई हो
सब जान लिया मैने

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इतने गम में भी जी पाता हु
तेरी याद रखा हैं सीने में
बस यही तो हैं मेरे पास
और क्या रखा हैं जीने में

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दर्द के तूफान में भी
कदम जमाए रखो
अरे बवंडर हैं गुजर जाएगा
बस धैर्य बनाए रखो।

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चलो मान लिया हमने हैं प्यार नही तुमको
फिर फिक्र हमारी तुम क्यों इतना करते हो
आऊ नजर न तो बेचैन से फिरते हो
इसे इश्क ही कहते हैं तुम क्यों मुकरते हो।

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इश्क हैं बया कर दो
यू छुपाए न छुपेगा
लब तो मान जाएगा
पर नजर कहता फिरेगा

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अरे जुल्फों की लटो की तरह घुमाओ नही
अरे प्यार करते हो तो साफ साफ कहो बनाओ नही।

2 Comments

  1. Shivansh Shukla 03/09/2021
  2. ashutosh 12/09/2021

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