स्वतंत्रता दिवस………..देवेश दीक्षित

स्वतंत्रता पाने की खातिर
कितनों के दिमाग लगे शातिर

अंग्रेजों ने जब तक राज़ किया था
देशवासियों का अपने अपमान किया था

क्रांतिकारी भी जोश में थे
नेता अपने होश में थे

अंग्रेजों की सत्ता हिलाई थी
दांतों तले उंगलियां दबवाई थी

शासन अंग्रेजों का डोल गया था
धीरज उनका बोल गया था

क्रांतिकारियों से थर्राने लगे थे
नेताओं से वो घबराने लगे थे

बोरिया बिस्तरा अपना बांध लिया था
एक एक अंग्रेज देश छोड़ कर भाग लिया था

देश अपना तब आजाद हुआ
हिंदुस्तानी अपना आबाद हुआ

ध्वजारोहण तब से हुआ है
15 अगस्त विख्यात हुआ है

यह राष्ट्र दिवस हमारा है
हमको जां से प्यारा है
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देवेश दीक्षित

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