मत कोसो मुझे………..देवेश दीक्षित

मत कोसो मुझे
मैं फूल हूं गुलाब का
डाली से तोड़ कर मुझे
किया है इज़हार प्यार का

दो दिल मिले
तो जरिया मुझे बनाया
परिवार से अलग कर मुझे
खुद ने परिवार बनाया

मेरी खुशबू से
तुमने आनंद लिया
फिर नोच कर मुझे
मेरी पत्तियों से जुदा किया

नन्हा सा प्यारा सा फूल मैं
क्यों मुझे यूं सताया
अपनी आपसी रंजिश में
क्यों मुझे बुरा बताया

मत कोसो मुझे
मैं फूल हूं गुलाब का
डाली से तोड़ कर मुझे
किया है इज़हार प्यार का
……………………………………
देवेश दीक्षित

One Response

  1. Rajni Seth 12/09/2021

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