जनता चुप रहना सीखो – अरुण कुमार झा बिट्टू

जनता चुप रहना सिखो
नमो नमो कहना सीखो
लव खोलोगे पछताओगे
विद्रोही काहलाओगे

कीमत बढ़ती हैं बढ़ने दो
नोकरी छिनती है छीनने दो
रोजगार नहीं है तुम देखो
बत्तर हालत सहना सीखो

बच्चे बैठे चाहे घर में
स्कूल का पूरा फीस भरो
नोकरी करते हो आप अगर
तै से कम में संतोष करो।

सिर्फ धर्म धर्म की बात करो
इसी से अपना पेट भरो
महामारी जो आयी हैं
घर में रह कर इलाज करो।

शासो पर यहां सियासत होगी
आंकड़ों में भी मिलावट होगी
लाशे बहाई नदीयो में
इल्ज़ाम तुम्हारे सर होगी
दर्द के घूंट पीना सीखो
जनता चुप ………

पाच साल जब आएगा
हर नेता पसीजा पायेगा
तब हमको हैं पसीजना नहीं
वोट बनेंगे वज्र तभी
अभी सिर्फ सेहना सीखो
जनता……

One Response

  1. डी. के. निवातिया 28/07/2021

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