सरकार – अरुण कुमार झा बिट्टू

कमाल है भाई कमाल हैं
जनता बेसक परेशान हैं
पर सरकार बनती महान है।
कमल है।

करोना काल न संभाली गई
मौत ऐसी बाटी गई
शमशान में ना जगह मिली
थी लाशों से नदिया पटी हुई
पर कमाल………

करोना में तनख्वाह आधी हुई।
सरसों तेल की कीमत पनीर वाली हुई
पेट्रोल डीजल के यू दाम बढ़े
की साईकिल ही अच्छी सवारी हुई।
पर कमाल…….

पढ़ाई की बर्बादी हुई
शिक्षकों को सैलरी आधी हुई
पर फीस पूरा भरो जनाब
चाहे आप की कर्जदारी हुई

उधमी का बिखरा कारोबार
यूवा के पास नहीं रोजगार
खाली जेब बीमारी का भार
जनता सहने को है लाचार।
पर कमाल……

मीडिया भी चुप चुप रहती हैं।
सिर्फ मीठा मीठा कहती है
विपछ तो कोई बचा नहीं
गलत के विरुद्ध कोई डटा नहीं
है भारी बहुमत सरकार का
हा एक पहलू है ऐसा भी।
पर कमल……

लोकतंत्र तभी बचता हैं
जब विपछ भी मजबूत रहता है।
नहीं तो अच्छी खासी सरकार
मनमानी करने लगता है।

पर जनता तो हैं भोली भाली
कल फिर सब भूल जाएगी
फिर जात धर्म की हवा चलेगी
आधार यही वोट पाएगी
अगले पाच साल फिर
जनता पिसी जाएगी।
पर कमाल……

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