थोड़ी तो बात कर लो।

एक किस्सा हूं तेरा
एक हिस्सा है तू मेरा

कितना भी तू इनकार कर ले
थोड़ा तो तू एतबार कर ले

खो जा मुझमें मे तू
चल आ समुंदर से थोड़ा तो बात कर ले

ये खुली हवा ठहरा आसमान
बता कुछ तो होंगे तेरे भी अरमान

खुद को जंजीरों से आजाद कर ले
मुझको तू अपने लिए खास कर ले
अब तो कुछ तो बात कर ले

किसी से यूं ही नहीं मिलता कोई
अकेलेपन यूं ही नहीं निकलता कोई

कुछ सपने तो मेरे साथ कर ले
कुछ मुझसे भी तो बात कर ले

यूं ही नही रहो तुम गुमनाम
ज़ख्म हो तो बताओ लगाऊं दर्द का काम

पिछला निचला सब भूल कर
कुछ तो कल की बात कर ले
यूं ही न नाराज रह कुछ तो मुझसे बात कर ले

चेहरे पर थोड़ी मुस्कुराहट कर ले
तेरी पसंद की मिठास लाई हु
आंखों की जरा तो आहट कर ले
गुस्सा छोड़ दे अब थोड़ी तो अब बात कर ले

सजा देनी है तो सजा दे दे
पर बात करने की रजा दे दे
कब तक यूं रहेगा रूठा रूठा
कुछ न सही तो गलती की ही बात कर ले
थोड़ी लड़ाई आज रात भी कर ले
गुस्सा निकल कर थोड़ी तो बात कर ले

Leave a Reply