महफ़िल का ठेकेदार बनें।

चलो आओ यारों किसी महफ़िल का हम ठेकेदार बनें,
वफादार तो सभी बन ही गए है
हम मैखाने का कर्जदार तो बनें,

बहुत शौख रखते है लोग महफ़िल में जाने का
चलो इसी बहाने उनसे भी मुलाकात तो करें

कुछ भुला कुछ बिछड़ा कुछ बात करें
चलो आओ यारों महफ़िल के ठेकेदार बनें,

कुछ खुशी के आंसू कुछ दिल के दर्द
ख़ुद को भी आबाद करें
सब कुछ मिला कर लफ्जों का महफिल-ए-शबाब करें,

के महफ़िल हो न हमारे बिना
हमारे न होने पर हो जाए गीला
किसी के दिल को तो हम भी बर्बाद करें
चलो आओ यारों महफिल का हम भी शबबदार बनें,

कुछ हम लुटें है कुछ और और लूटेंगे
कुछ चिथड़े भी फटेंगे,
बहुत कश्मकश है भीड़ में
बड़े ही ज़ख्म है बस एक आंखों के तीर में
किसी का हम घरबार तो बनें
चलो मैखाने का कर्जदार बनें

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