एक हिंदुस्तान बन गया एक पाकिस्तान बन गया

राह में लकीर क्या खींची मिलो का दो रास्ता बन गया

एक हिंदुस्तान बन गया दूसरा पाकिस्तान बन गया

मोहब्बत तो वह भी इस जमीन से करते थे उतना ही

तो फिर क्यों यह हमारा और वह उनका कारवां बन गया

 

उसे क्या पता लड़ते हुए हम से खून अपनों का वह बहा गया

दर्द हुआ जो इस तरफ तो उस तरफ उनसे भी भी रहा न गया

तुम आजाद हो, बहा दो खून लगा दो नारा आजादी का

कुछ मतवाले चढ़ गए आजादी के लिए फासी, उनसे रहा न गया

 

आजाद है हम आजाद हो तुम इस आओ इस आजादी का जश्न मनाए

अरे तुम हमे एक जाम पिलाओ हम तुम्हे एक जाम पिलाए

याद करे उन मतवालों को जिनके खून से ये आजादी आई

तुम अपने दिल में उन्हें जगाओ हम अपने दिल में उन्हें जगाए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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