रहन सहन………………देवेश दीक्षित

रहन सहन तुम ऐसा रखना

कि ये दुनिया बजाए ताली

स्वभाव में कभी अहम न रखना

कि ये जीवन जाए खाली

 

सदाचार का ऐसा पालन करना

जैसे फूलों को रखे माली

ईश्वर से यही प्रार्थना करना

सम्मान का न हो भण्डार खाली

 

दुनिया की न परवाह करना

कि जिंदगी अनमोल तुम्हे है बितानी

अपना फैसला ऐसा करना

कि जिंदगी न पड़ जाए तुमको भारी

 

परिवार को अपने संभाले रखना

अहम से न हो जाए दीवार खड़ी

प्रेम से डोर में बांधे रखना

टूट न जाए कहीं रिश्तों की लड़ी

 

रहन सहन तुम ऐसा रखना

कि ये दुनिया बजाए ताली

स्वभाव में कभी अहम न रखना

कि ये जीवन जाए खाली

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देवेश दीक्षित

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