फर्क नहीं पड़ता अगर……………देवेश दीक्षित

फर्क नहीं पड़ता

अगर तुम पास हो मेरे

जिंदगी की कठिन डगर पर भी चलूंगा

अगर तुम साथ हो मेरे

ज़माना कहता है कहता रहेगा

पर तुम खास हो मेरे

 

तुम्हारे बिना एक पग भी चलना

दुस्वार है मेरे लिए

जिंदगी की कठिन डगर पर चलना

अभिशाप है मेरे लिए

तुम्हारे बिना जिंदगी में आगे बढ़ना

कांटो का भंडार है मेरे लिए

 

तुम अगर छोड़ कर गए मुझे

सांसें थम जाएँगी मेरी

जिंदगी भी ठुकराएगी मुझे

धड़कनें भी रुक जाएँगी मेरी

फिर न फर्क पड़ेगा मुझे

जब जिंदगी ही दुश्मन बन जाएगी मेरी

……………………………..

देवेश दीक्षित

 

 

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