सूर्य देव……………….देवेश दीक्षित

हे सूर्य देव

आपकी ऊष्मा है बहुत तेज

पूरी सृष्टि को उजागर करते हो

पर मन के अंधेरे को छोड़ देते हो

जिसमें समाई है कुछ बुराइयां

जो खत्म कर देती हैं अच्छाइयां

उसको यदि उजागर कर सको

उसमें यदि ज्ञान भर सको

तो भर दीजिए न ज्ञान

जिससे आपस में रहे मान सम्मान

फिर न कोई भय होगा

किसी के सम्मान का न क्षय होगा

हर तरफ खुशहाली होगी

स्थिति न कभी प्रलयंकारी होगी

कितना मनोरम दृश्य होगा

हर तरफ आपका प्रकाश होगा

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देवेश दीक्षित

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