बेटी लेकर क्या करोगे

बेटी लेकर तुम करोगे क्या
जन्म देकर करोगे क्या

रौब तो रहेगा बेटे का ही
कुल को तुम्हारे समेटगा ही

बचपन से झुकना उसे सिखाओगे क्या
पुरुष प्रधान दिखाओगे क्या

जब वो चलना सीखेगी
पंख फैला कर उड़ना सीखेगी

अधिकारों के पलड़े से उसे दूर रखोगे क्या
उड़ना कुसूर समझोगे क्या

ख़ुद के लिए लड़ेगी जब
अधिकारों पर भिड़ेगी जब

उसे भी बेरंग बनाओगे क्या
उसे भी झुकने का ढंग सिखाओगे क्या

मुस्कुराहटों का पायजेब पहना कर
छोटे भाई का कुरूरता पर कभी सहलाओगे क्या

बेटी लेकर क्या करोगे
गलत को गलत कभी बताओगे क्या

समाज में जो इज़्जत ढूंढते हो
उसे भी घर में दे पाओगे क्या
बेटी लेकर क्या करोगे
वस्तु समझ दान फिर से करवाओगे क्या

रिश्तों की कदर उसे समझाओगे
बेटे को पुरुष की नज़र से दिखाओगे
कभी पिता या भाई बन पाओगे क्या

बेटी लेकर क्या करोगे
फिर से अपनी ही बेटी वस्तु बनाओगे क्या

2 Comments

  1. Harry 25/06/2021
    • rashmidelhi 02/07/2021

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